Tuesday, August 6, 2013

बहुत 'विघटनकारी’ व्यक्ति हैं मोदी: चिदंबरम

नयी दिल्ली । नरेंद्र मोदी को ‘‘बहुत विघटकारी व्यक्ति’’ बताते हुए वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि भाजपा ने अपना रंग नहीं बदला है। और अगले लोकसभा चुनाव में भी जनता उसे अस्वीकार कर देगी, क्योंकि वह उस विचार का प्रतिनिधित्व करती है जो धर्मनिरपेक्षता और समावेश के खिलाफ है।
भाजपा पर उन्होंने आरोप लगाया कि वह समान नागरिक संहिता, अयोध्या और अनुच्छेद 370 समाप्त करने जैसे विघटनकारी मुद्दों को फिर से उछाल रही है और चुनाव के दौरान जनता इस बात का ध्यान रखेगी।
कांग्रेस के परिप्रेक्ष्य में मोदी प्रधानमंत्री पद के अच्छे या खराब उम्मीदवार साबित होंगे, इस बहस में पड़ने से इंकार करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी किसी व्यक्ति के विरूद्ध नहीं, बल्कि उस विचार के खिलाफ लड़ रही है जिसे 2004 और 2009 के चुनाव में जनता अस्वीकार कर चुकी है।
मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने का उपहास करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री ऐसे विघटनकारी व्यक्ति हैं जिनके चलते उनकी पार्टी में ही शीर्ष से लेकर ‘‘काफी व्रिदोह’’ हुआ। उनका इशारा भाजपा मे मोदी का कद बढ़ाए जाने को लेकर लालकृष्ण आडवाणी की नाराजगी से था।
चिदंबरम ने प्रेट्र से बातचीत में कहा, ‘‘हम मानते हैं
कि मोदी बहुत विघटनकारी व्यक्ति हैं, जिसके चलते उनकी पार्टी में काफी व्रिदोह हुआ। पहली बार मैंने देखा कि एकदम शीर्ष से व्रिदोह शुरू हुआ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अगर मोदी उम्मीदवार होते हैं तो देश की जनता का बड़ा हिस्सा भाजपा के पक्ष में मतदान करने को लेकर बहुत आशंकित होगा। लेकिन उसे :भाजपा: अपना निर्णय करना है। एक बार उसके निर्णय कर लेने पर जनता अपना निर्णय करेगी।’’
उनसे सवाल किया गया था कि मोदी अगर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए जाते हैं तो यह कांग्रेस के लिए क्या फायदेमंद होगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता यह उचित दलील है। भाजपा का उम्मीदवार कौन होता है, यह उसका मसला है। जनता किसे वोट देगी, यह हमारी दिलचस्पी है, हर किसी की दिलचस्पी है।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस ‘‘एक उम्मीदवार के खिलाफ नहीं लड़ रही है, बल्कि वह अन्य दलों के मुकाबले इस बात को लेकर खड़ी है कि भारत के बारे में उसका क्या विचार है।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘भारत के बारे में हमारा विचार है ऐसा भारत जो धर्मनिरपेक्ष है, जो समावेशी विकास में यकीन रखता हो। ऐसा भारत जो किसी वर्ग को पीछे नहीं छोड़ता, खासकर अधिक वंचित वर्ग को।’’

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